राजू वासवानी, रायपुर.3/जनवरी/2025
ll कुम्भ पर्व माहात्म्य ll
कार्तिक महीने में एक हजार बार गंगा स्नान करने से, माघ में सौ बार गंगा स्नान करने से तथा वैशाख में करोड़ बार नर्मदा स्नान करने से जो फल प्राप्त होता है, वही फल कुम्भ पर्व पर स्नान करने से प्राप्त होता है।(स्कंद पुराण) 
हजार बार अश्वमेध यज्ञ करने से, सौ वाजपेय-यज्ञ करने से और लाखों बार पृथ्वी की प्रदक्षिणा करने से जो फल प्राप्त होता है वही फल कुम्भ महापर्व में स्नान करने से प्राप्त हो जाता है। (विष्णु पुराण)
